एकं ब्रह्म विप्रा बहुधा वदन्ति”-“मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मंत्र समानता” के संकल्प पर ही विश्व हिंदू संघ बना वटवृक्ष – देवेश कुमार पटेल

बरेली। विश्व हिन्दू महासंघ द्वारा सामाजिक समरसता और अखंड हिन्दू समाज के 45 गौरवशाली वर्ष
“एकं ब्रह्म विप्रा बहुधा वदन्ति”
“मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मंत्र समानता”
इन दिव्य संकल्पों को आत्मसात करने वाला वटवृक्ष विश्व हिन्दू महासंघ आज अपने स्थापना के 45 वर्ष पूर्ण कर रहा है।
राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज द्वारा रोपित यह पौधा आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जिसकी छाया में सम्पूर्ण हिन्दू समाज अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सुरक्षा का अनुभव करता है।
छुआछूत के विरुद्ध एक क्रांति
काशी का ऐतिहासिक प्रसंग के अनुसार महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने हिन्दू समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठाकर ‘अखंड समाज’ बनाने का जो सपना देखा, उसकी अद्भुत मिसाल काशी में देखने को मिली।
उन्होंने काशी के डोम राजा के आवास पर जाकर उनके साथ भोजन कर समाज में व्याप्त छुआछूत की कुरीति पर प्रहार किया। यह केवल एक भोज नहीं था, बल्कि ऊंच-नीच की दीवारों को तोड़ने वाला एक वैचारिक शंखनाद था।उनका स्पष्ट संदेश था कि “समस्त हिन्दू समाज एक है, और रक्त का हर कतरा समान पवित्र है।”
इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए आज भी महासंघ द्वारा समरसता भोज जैसे आयोजन निरंतर किए जा रहे हैं, जिससे समाज में एकात्मता और भाईचारे का भाव सुदृढ़ हो।
महाराज जी द्वारा विरासत का संवर्धन
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज के संरक्षण में महासंघ ने नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है, उन्होंने गुरुदेव की विरासत को आगे बढ़ाते हुए ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ हिन्दू अस्मिता को वैश्विक पहचान दिलाई है।
संगठन की शक्ति
राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सुरेंद्र नाथ अवदूत जी महाराज के नेतृत्व में संगठन की विचारधारा जन-जन तक पहुँच रही है।
प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति जी के मार्गदर्शन में महासंघ सेवा, संस्कार और सुरक्षा के पथ पर अग्रसर होकर युवाओं को राष्ट्र व धर्म सेवा से जोड़ रहा है।
हमारा संकल्प
46वें स्थापना दिवस पर हम यह प्रण लेते है, हम जातियों में नहीं बंटेंगे, हम धर्म के नाम पर एकजुट रहेंगे। महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के आशीर्वाद, योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन और प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति जी के प्रयासों के साथ हम एक सशक्त, समरस और संगठित हिन्दू समाज के निर्माण हेतु निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

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